नई दिल्ली: जोमैटो की पैरेंट कंपनी इटर्नल लिमिटेड (Eternal Ltd.) में बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी के ग्रुप सीईओ दीपिंदर गोयल ने पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 1 फरवरी, 2026 से प्रभावी होगा। उनकी जगह अब ब्लिंकिट के सीईओ अल्बिंदर ढींडसा कंपनी की कमान संभालेंगे।
गोयल पूरी तरह कंपनी नहीं छोड़ रहे हैं। वह बोर्ड में वाइस चेयरमैन और डायरेक्टर के रूप में नई जिम्मेदारी निभाएंगे। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब इटर्नल ने अपने तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों में सालाना आधार पर शुद्ध लाभ में 73% की वृद्धि दर्ज की है, जो 102 करोड़ रुपये के आसपास है। इस उछाल ने कंपनी के फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स बिजनेस की मजबूती को प्रदर्शित किया है।
अल्बिंदर ढींडसा संभालेंगे रोजाना के फैसले
दीपिंदर गोयल ने स्पष्ट किया कि अब ऑपरेटिंग निर्णयों की जिम्मेदारी अल्बिंदर ढींडसा संभालेंगे। गोयल ने कहा, “ग्रुप सीईओ के तौर पर वह रोज़मर्रा के काम, ऑपरेटिंग प्राथमिकताओं और बिजनेस निर्णयों का नेतृत्व करेंगे।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ब्लिंकिट के अधिग्रहण और उसे ब्रेकइवन तक पहुँचाने की प्रक्रिया में ढींडसा ने अहम भूमिका निभाई है और वह इटर्नल का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।
जोमैटो की नींव और गोयल की यात्रा
दीपिंदर गोयल ने 2008 में पंकज चड्ढा के साथ जोमैटो की स्थापना की थी। कंपनी की शुरुआत Foodiebay के रूप में हुई थी, जो एक प्लेटफॉर्म था जहां लोग रेस्टोरेंट के मेनू और रिव्यू देख सकते थे। समय के साथ, यह आज की फूड डिलीवरी इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी बन गई है।
इस बदलाव के तहत गोयल के सभी अनवेस्टेड स्टॉक ऑप्शन (ESOP) वापस कंपनी के पूल में जाएंगे। पिछले एक साल में गोयल ने इटर्नल के बाहर कई नए प्रोजेक्ट्स और रिसर्च वेंचर्स में कदम रखा है। उन्होंने शेयरधारकों को लिखे पत्र में कहा:
“हाल ही में मैं कुछ नए आइडियाज की ओर आकर्षित हुआ हूँ। इनमें उच्च जोखिम वाले एक्सप्लोरेशन और एक्सपेरिमेंट शामिल हैं, जिन्हें सार्वजनिक कंपनी की सीमाओं से बाहर बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।”
